Thursday, February 29, 2024
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राजस्थान: कौन हैं गहलोत सरकार के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा, अब क्‍या होगी उनकी रणनीति?

नई दिल्‍ली. राजस्‍थान (Rajasthan) में कांग्रेस सरकार से बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा (Rajendra Gudha) ने आरोप लगाया है कि उन्हें सोमवार को राजस्थान विधानसभा से उस समय ‘मुक्का मारा गया और घसीटा गया’ जब वह एक ‘लाल डायरी’ पेश करने की कोशिश कर रहे थे, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि इसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के अवैध वित्तीय लेनदेन की जानकारी शामिल है. गुढ़ा ने आज जिस तरह से सीएम गहलोत का सामना किया, उससे उन्‍होंने विधायक वेद प्रकाश सोलंकी को भी पीछे कर दिया. सोलंकी सचिन पायलट खेमे के एक मुखर नेता हैं. गुढ़ा अब वह पायलट के कट्टर समर्थक हैं. इस प्रकार उन्हें अनुसूचित जाति और गुर्जरों का समर्थन प्राप्त है.

गुढ़ा झुंझुनू के उदयपुरवाटी निर्वाचन क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर दो बार (2018 विधानसभा चुनाव सहित) जीत चुके हैं. हालाँकि गुढ़ा और सीएम गहलोत हमेशा दुश्मन नहीं रहे हैं, बल्कि 2018-19 में, सीएम अशोक गहलोत ने जब छह बसपा विधायकों को अपने पक्ष में शामिल कर लिया था और उस समय उनके सबसे खास व्‍यक्ति गुढ़ा ही थे. तब यह कहा गया था कि गुढ़ा ही यह तय करेंगे कि उनके अन्‍य 5 सहयोगी हमेशा गहलोत सरकार के साथ रहेंगे. इसके बदले में वे अपने साथियों को सुविधाएं और लाभ दिलाएंगे.

राज्‍य मंत्री तो बने गुढ़ा, लेकिन उनकी समस्‍याएं बढ़ गईं
सरकार में राजेंद्र सिंह गुढ़ा को सैनिक कल्याण एवं पंचायती राज राज्य मंत्री बनाया गया. उनके वरिष्ठ मंत्री, रमेश मीना, उन्हें कोई खास काम नहीं दिया. सरकार की फाइलें उनके पास बहुत कम आती थीं. इससे गुढ़ा परेशान हो गए. बड़ा झटका उन्‍हें तब लगा जब सीएम गहलोत ने उनके बसपा विधायकों को अपनी तरफ कर लिया और गुढ़ा की पकड़ तोड़ दी. बसपा विधायकों ने भी सीएम अशोक गहलोत का साथ लेना पसंद किया. राजेंद्र सिंह तब से ही परेशान थे और वे ‘अब बहुत हो गया’ का अहसास कर चुके थे.

राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने सीएम गहलोत पर ही साधा निशाना
राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने चल रहे राजस्‍थान विधानसभा सत्र में मणिपुर मुद्दे को लेकर सीएम गहलोत पर निशाना साधा और कहा कि सरकार को राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर बात करने के बजाय आत्मनिरीक्षण करना चाहिए. यह समय नेतृत्व के लिए शर्मिंदगी भरा है. इसलिए शुक्रवार को उन्हें बर्खास्त कर दिया गया. अब गुढ़ा ने दावा किया कि सोमवार को जब वह “लाल डायरी” पेश करने की कोशिश कर रहे थे तो उन्हें विधानसभा से “मुक्का मारा गया और घसीटा गया”. स्पीकर सीपी जोशी ने सदन में हंगामा होता देख कार्यवाही स्थगित कर दी. गुढ़ा ने सोमवार को कहा, ‘सीएम गहलोत के मुझसे पूछने के बाद, मुझे एक साइट से एक लाल डायरी मिली, जहां ईडी और आयकर (अधिकारी) छापेमारी कर रहे थे.’ गुढ़ा आगामी चुनाव या तो निर्दलीय या फिर एआईएमआईएम से चुनाव लड़ सकते हैं.

Tags: BJP, CM Ashok Gehlot, Government of Rajasthan, Rajasthan news in hindi, राजस्थान राजनीति

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