Saturday, May 18, 2024
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International Tiger Day: मध्य प्रदेश का टाइगर स्टेट का दर्जा बरकरार, संख्या बढ़कर 785 पहुंची

हाइलाइट्स

एमपी की बादशाहत कायम
मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रही है बाघों की संख्या
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा 165 बाघ बांधवगढ़ नेशनल पार्क में हैं

भोपाल. अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश के जंगलों से एक अच्छी खबर निकलकर आई है. मध्य प्रदेश में बाघों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है. प्रदेश में बाघों की संख्या बढ़कर अब 785 हो गई है जो देश में सबसे ज्यादा है. अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर भारत सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट में बाघों की बढ़ती संख्या के कारण एमपी का टाइगर स्टेट का दर्जा कायम है. 2018 में जारी हुई गणना में मध्यप्रदेश में 526 बाघ बताए गए थे लेकिन 2022 की रिपोर्ट में यह संख्या बढ़कर 785 हो गई है.

वन विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने बताया कि बेहतर बाघ प्रबंधन प्रबंधन के कारण यहां बाघों की संख्या बढ़ी है. अगली गणना में यह संख्या बढ़कर एक हजार पहुंच जाएगी. राज्य सरकार की कोशिश है कि नए लो प्रेशर एरिया बनाए जाएं ताकि बाघों की बढ़ती संख्या को मैंनेज किया जा सके. हालांकि यह नीतिगत फैसला है. फिलहाल सरकार की कोशिश बाघों की बढ़ती संख्या और उनका रखरखाव बेहतर तरीके से किया जाए इसी बात पर है. प्रदेश को लगातार टाइगर स्टेट का तमगा मिलना गर्व की बात है. इसके साथ ही भविष्य में इसे बरकरार रखने की चुनौती भी है.

2010 में 257 बाघ थे, 2022 में 785 हो गए
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा 165 बाघ बांधवगढ़ नेशनल पार्क में पाए हैं. शनिवार को जारी हुई रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 165, कान्हा में 129, पेंच टाइगर रिजर्व में 123, पन्ना में 64, सतपुड़ा में 62 और संजय दुबरी में 20 बाघों के होने की पुष्टि की गई है. इस तरीके से टाइगर रिजर्व एरिया में कुल बाघों की संख्या 563 है. जबकि टाइगर रिजर्व एरिया के बाहर जंगलों में घूम रहे बाघों की संख्या 222 है. इस हिसाब से प्रदेश में कुल 785 बाघ हैं. बीते बरसों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2010 में बाघों की संख्या 257 थी. 2014 में 308 और 2018 में यह संख्या बढ़कर 526 हो गई थी.

सबसे अधिक मौंते भी मध्यप्रदेश में हुई
गणना के मुताबिक एमपी में बाघों की संख्या में 49 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है. वहीं दूसरी तरफ बाघों की सर्वाधिक मौतें भी मध्यप्रदेश में दर्ज की गई हैं. वर्ष 2012 से 2022 के बीच 278 बाघ मारे गए हैं. जबकि अलग- अलग कारणों के चलते मप्र के टाइगर रिजर्व में 2020 से 2022 के बीच 72 बाघ और 43 तेंदुआ की मौतें हुई हैं. सीएम शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर से टाइगर स्टेट बनने पर प्रदेशवासियों को ट्वीट कर शुभकामनाएं दी हैं.

Tags: Madhya pradesh news, Mp news, Tiger census report, Wildlife news in hindi

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