Friday, July 19, 2024
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16 साल पहले डॉक्टर को 100 रुपये घूस लेते पकड़ा था, ट्रायल कोर्ट ने छोड़ा तो HC पहुंच गई सरकार…फिर क्या हुआ?

बॉम्बे हाई कोर्ट में एक दिलचस्प मामला आया. एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने साल 2007 में एक डॉक्टर को 100 रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था. पहले मामला ट्रायल कोर्ट गया. न्यायालय ने आरोपी डॉक्टर को बरी कर दिया. इसके बाद राज्य सरकार हाई कोर्ट पहुंच गई. बॉम्बे उच्च न्यायालय में जस्टिस जितेंद्र जैन (Justice Jitendra Jain) ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि 100 रुपये बहुत छोटी रकम है. 2007 में भी है यह बहुत मामूली थी और अब 2023 में भी कोई बहुत ज्यादा मायने नहीं रखती. उन्होंने ट्रायल बोर्ड का आदेश बरकरार रखा.

हाईकोर्ट ने क्या कहा?
हाई कोर्ट ने कहा, ”हमारे सामने जो मामला है उसमें 16 साल पहले साल 2007 में 100 रुपये घूस लेने का आरोप है. साल 2007 में भी यह रकम बेहद मामूली थी और अब इतने साल बाद जब हम मामले को सुन रहे हैं, तब भी बहुत छोटी है. सारे तथ्यों पर गौर करने के बाद यह समझ में आता है कि मामला बेहद मामूली श्रेणी का है और आरोपी को बरी करना जायज है’.

जस्टिस जितेंद्र जैन ने कहा कि इस पूरे मामले में सबूतों को मद्देनजर रखते हुए ट्रायल कोर्ट ने जो दृष्टिकोण अपनाया था, वह पूरी तरह तार्किक है. स्पेशल जज ने आरोपी को बरी करने का जो आदेश पारित किया था, उसमें हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नजर नहीं आती. इसलिए राज्य सरकार की अर्जी खारिज की जाती है.

क्या है 100 रुपये घूस का मामला?
Bar&Bench की एक रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. अनिल शिंदे को साल 1995 में बतौर बतौर मेडिकल ऑफिसर नियुक्ति मिली थी. उन्हें पुणे के एक अस्पताल में तैनात किया गया था. शिकायतकर्ता लक्ष्मण पिंगले का आरोप है कि साल 2007 में डॉ. शिंदे ने उनका इलाज किया और मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के लिए 100 रुपये घूस मांगे. पिंगले ने एंटी करप्शन ब्यूरो से इसकी शिकायत कर दी. इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाकर आरोपी डॉक्टर को रंगे हाथ पकड़ लिया था. उन पर एंटी करप्शन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था.

मामला चलता रहा और साल 2011 में एसीबी की विशेष कोर्ट ने आरोपी डॉक्टर को बताया कि उनके ऊपर सेक्शन 7 व सेक्शन 13 के तहत मामला दर्ज किया गया है. जनवरी 2012 में ट्रायल कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी डॉक्टर को बरी कर दिया. इसके बाद राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी थी.

Tags: ACB, Anti corruption bureau, Bombay high court

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