Thursday, June 13, 2024
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Chandrayaan 3 Launch Live Streaming: चांद पर उतरने को ISRO तैयार, कब-कहां और कैसे देखें चंद्रयान-3 की लाइव लॉन्चिंग

हाइलाइट्स

इसरो की आधिकारिक वेबसाइट: Visit http://isro.gov.in पर चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग लाइव देखी जा सकती है.
इसरो के फेसबुक पेज https://facebook.com/ISRO से भी आप लाइव लॉन्चिंग देख सकते हैं.

Chandrayaan 3 Launch Live Streaming:  देश के तीसरे चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3’ के प्रक्षेपण के लिए उलट गिनटी शुरू हो गई है. महज कुछ घंटों के भीतर चंद्रयान-3 लॉन्च हो जाएगा. चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग को अगर आप लाइव देखना चाहते हैं तो, इसके लिए आपको इसरो के आधिकारिक यूट्यूब चैनल या दूरदर्शन पर वास्तिवक समय में लॉन्च देख सकते हैं.  इसके साथ सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च को लाइव देखना है तो इसके लिए ivg.shar.gov.in/ पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा.

ISRO के फेसंबुक पेज से देख सकेंगे लाइव लॉन्चिंग
साथ ही आप इसरो के यूट्यूब चैनल पर भी उसके चंद्रयान 3 मिशन की लॉन्चिंग लाइव देख सकते हैं. इसके अलावा न्यूज18 इंडिया और हिंदी न्यूज18 डॉट कॉम पर भी आप लाइव लॉन्चिंग देख सकेंगे और उससे जुड़ी हर पल की अपडेट्स पढ़ सकेंगे. आज दोपहर 2:00 बजे IST से, लॉन्च को इसरो की आधिकारिक वेबसाइट: Visit http://isro.gov.in और इसरो का फेसबुक पेज https://facebook.com/ISRO से भी देख सकते हैं.

615 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ ये मिशन
615 करोड़ की लागत से तैयार हुआ ये मिशन करीब 50 दिन की यात्रा के बाद चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास लैंडिंग करेगा. लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर के लॉन्च पैड-2 से होगी. इसको चंद्रमा पर भेजने के लिए LVM-3 लॉन्चर का इस्तेमाल किया जा रहा है. चंद्रयान-3 मिशन साल 2019 में भेजे गए चंद्रयान-2 मिशन का फॉलोअप मिशन है. इसमें लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग और रोवर को सतह पर चलाकर देखा जाएगा. बता दें कि लैंडर को चांद की सतह पर उतारना सबसे कठिम काम है. साल 2019 में चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की हार्ड लैंडिंग की वजह से मिशन खराब हो गया था.

चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग से अंतरिक्ष विज्ञान के विकास की बढ़ेंगी संभावनाएंः ISRO पूर्व वैज्ञानिक
भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम ‘चंद्रयान-3’ से पहले इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने बृहस्पतिवार को कहा कि इसकी सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ से भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश बन जाएगा और इससे देश में अंतरिक्ष विज्ञान के विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी. उन्होंने यहां पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि इससे भारत को वैश्विक अंतरिक्ष कारोबार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. वर्तमान में 600 अरब डॉलर के अंतरिक्ष उद्योग में भारत की हिस्सेदारी बेहद कम दो प्रतिशत है.

Tags: Chandrayaan-3, ISRO

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