Sunday, July 14, 2024
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कोयले के मूल्य में बड़ी गिरावट, अब बिजली बिल, ईंट, छड़, सीमेंट व रेत की कीमतों में आएगी कमी!

नई दिल्ली. कोयले के दाम (Coal Prices) में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. कोयले के मूल्य में इस गिरावट का असर आने वाले दिनों में आम लोगों के जीवन स्तर पर पड़ने वाला है. कोयले के मूल्य में कमी से बिजली का बिल (Electricity Bills), ईंट, छड़, स्टील और भी कई तरह के वस्तुओं के दाम में कमी आ सकती है. बता दें कि भारत की अर्थव्यवस्था और खासतौर पर कोयले से बिजली बनाने पर इसका गहरा असर पड़ता है. बुधवार को जारी आंकड़े के मुताबिक राष्ट्रीय कोयला सूचकांक (NCI) में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. यह मई 2022 में 238.3 अंक की तुलना में मई 2023 में 33.8 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 157.7 अंक पर रह गया. देश के बाजार में कोयले की मजबूत आपूर्ति के साथ-साथ बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए उपलब्धता को भी दर्शाता है.

राष्ट्रीय कोयला सूचकांक (एनसीआई) एक मूल्य आधारित सूचकांक है जो अधिसूचित मूल्यों, नीलामी कीमतों और आयात कीमतों सहित सभी बिक्री माध्यमों से कोयले की कीमतों को सम्मिलित करता है. वित्तीय वर्ष 2017-18 के रूप में आधार वर्ष के साथ स्थापित, यह बाजार की गतिशीलता के एक विश्वसनीय संकेतक के रूप में कार्य करता है, जो कोयले की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर अहम जानकारी प्रदान करता है.

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भारत की अर्थव्यवस्था और खासतौर पर कोयले से बिजली बनाने पर इसका गहरा असर पड़ता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

कोयले के दाम में बड़ी गिरावट
एनसीआई में गिरावट का रुख अधिक संतुलित बाजार का संकेत देता है, जो आपूर्ति और मांग को संरेखित करता है. पर्याप्त कोयले की उपलब्धता के साथ देश न केवल इसकी बढ़ती मांग को पूरा कर सकता है, बल्कि अपनी दीर्घकालिक ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति भी कर सकता है. इस प्रकार एक अधिक लचीले और दीर्घकालीन कोयला उद्योग का निर्माण कर सकता है.

हाई ग्रेड कोयले की कीमतों में हुआ था इजाफा
गौरतलब है कि इसी साल मई महीने में कोल इंडिया लिमिटेड ने अपने हाई ग्रेड कोयले की कीमतों में 8% का इजाफा किया था. साल 2018 के बाद देश की सबसे बड़ी कोल माइनिंग कंपनी ने कोयले की कीमतों में संशोधन किया था. इधर वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही की तुलना में वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही में कोयले की कीमतों में 60 फीसदी तक गिरावट आई है. चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में कोयले का आयात पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 16.76 फीसदी बढ़ गया है.

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 कोयले के दाम में गिरावट से बिजली कंपनियां दाम घटा सकती है. (Representative Image:twitter.com/muneeb0fficial_)

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कोयले की कीमत में गिरावट से विदेशी कोकिंग कोल का आयात बढ़ने की बात कोयला मंत्रालय की रिपोर्ट में भी स्वीकार की गई है. बता दें कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोयले की कीमत में लगातार गिरावट हो रही है. देशी कंपनियां विदेशी कोयला पर ज्यादा भरोसा कर रही है. रूस-यूक्रेन वार के कारण बीच में विदेशी कोयला महंगा हो गया था, लेकिन अब कोयले की कीमत लगातार गिर रही है. इससे आने वाले दिनों में देश में आम लोगों के जीवन स्तर पर प्रभाव पड़ना निश्चित माना जा रहा है. खासकर बिजली, ईंट, छड़ और स्टील के दाम में कमी आ सकती है.

Tags: Coal india, Coal mining, Cost of electricity, Inflation

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