Thursday, June 13, 2024
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एम्‍स के अंदर बैटरी व्‍हीकल के लिए नहीं लगानी पड़ेगी लाइन, जल्‍द मिल सकती है ये नई सुविधा

नई दिल्‍ली. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली में इलाज कराने के लिए हजारों की संख्‍या में मरीज आते हैं, वहीं हजारों कर्मचारी, डॉक्‍टर और फैकल्‍टी अस्‍पताल में रहते हैं लेकिन कई किलोमीटर में फैले अस्‍पताल परिसर में आने-जाने के लिए उन्‍हें बैटरी-व्‍हीकल का सहारा लेना पड़ता है. बैटरी वाहनों की संख्‍या सीमित होने के चलते रोजाना मरीजों को लंबी-लंबी लाइनों में लगकर इंतजार भी करना पड़ता है या फिर अस्‍पताल में पुरानी ओपीडी से नई ओपीडी में जाने के लिए ऑटो का किराया चुकाना पड़ता है. हालांकि एम्‍स प्रबंधन अब नई सुविधा लाने की तैयारी कर रहा है.

एम्‍स दिल्‍ली ने मरीजों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधा देने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से अंतिम-मील कनेक्टिविटी के लिए फीडर बस सेवा को बढ़ाने की अपील की है. एम्‍स के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने डीएमआरसी को भेजे पत्र में लिखा है कि अस्‍पताल में रोजाना लगभग 40-50 हजार लोग एम्स आते हैं, जिनमें से अधिकांश दिल्ली मेट्रो सेवाओं पर निर्भर हैं. ऐसे में मेट्रो स्टेशनों से एम्स परिसरों तक सुविधाजनक परिवहन की जरूरत महसूस की जा रही है.

वर्तमान में, एम्स तक एम्स मेट्रो स्टेशन और साउथ एक्सटेंशन दोनों मेट्रो स्टेशनों से पहुंचा जा सकता है लेकिन एम्स परिसर तीन अलग-अलग भूमि खंडों यानि मस्जिद मोठ, अंसारी नगर और राज नगर में बंटे होने के चलते दिल्ली मेट्रो के माध्यम से आने वालों को अपने इच्छित गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है या ऑटोरिक्शा जैसे परिवहन के वैकल्पिक साधन खोजने पड़ते हैं. ऐसे में आरामदायक वातानुकूलित मेट्रो यात्रा के बावजूद, एम्स आने वाले कमजोर और बीमार रोगियों के लिए यह काफी कठिनाई और मुसीबत भरा रहता है.

चूंकि एम्स परिसर के भीतर मरीजों और कर्मचारियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियां चलाई जा रही हैं लेकिन अफसोस की बात है कि यह सुविधा मेट्रो स्टेशन से एम्स के कई परिसरों तक नहीं है. ऐसे में एम्स के निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक विकास कुमार से एम्स मेट्रो स्टेशन और साउथ एक्सटेंशन मेट्रो स्टेशन से अंसारी नगर, मस्जिद मोठ सहित एम्स नई दिल्ली के आसपास के परिसरों तक फीडर बस सेवा को बढ़ाने, और एसी इलेक्ट्रिक लो-फ्लोर बसें शुरू करने के लिए समर्थन मांगा है.

Tags: AIIMS, Aiims delhi, Delhi Metro

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