Saturday, May 18, 2024
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खेतों के बीच खेल का मैदान, 51 लाख रुपए खर्च कर बना स्टेडियम, मगर रास्ता बनाना भूल गया प्रशासन

धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी से एक बड़ा अजब गजब मामला सामने आया है. जहां खिलाड़ियों के खेलने के लिए प्रशासन ने 51 लाख जैसी बड़ी रकम खर्च कर स्टेडियम तो बनवा दिया, पर उस स्टेडियम तक जाने का रास्ता बनाना शायद प्रशासन को उचित नहीं लगा, इसलिए उसने रास्ता नहीं बनाया. सात साल से धमतरी के खिलाड़ी और युवा उस स्टेडियम तक पहुंचने का रास्ता खोज रहे हैं. जब गांव वालों ने प्रशासन की सबसे छोटी इकाई सरपंच और जिले के सबसे बड़े अधिकारी कलेक्टर से बात की तो सबने अपना पल्ला झाड़ लिया. इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश पनप रहा है.

धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक के बेलर गांव में प्रशासन ने आज से सात साल पहले 2015-16 में गांव के खिलाड़ियों को नई सौगात देते हुए एक खेल स्टेडियम का निर्माण कराया था. आरईएस विभाग के द्वारा बनवाए गए इस स्टेडियम के निर्माण में 51 लाख रुपए की धन राशि खर्च हुई थी. कुछ समय में स्टेडियम बनकर तैयार हो गया और स्थानीय खिलाड़ियों में अपने भविष्य को लेकर खासा उत्साह जाग गया. धमतरी की जनता और युवा खिलाड़ी बहुत खुश हुए कि अब उन्हें खेलने के लिए एक बड़ा सा ग्राउन्ड मिल गया. लेकिन यह सब धमतरी के लिए केवल सपना बनकर रह गया. युवा खिलाड़ियों के सपने चकनाचूर हो गए. क्योंकि प्रशासन ने गांव में स्टेडियम तो बना दिया, लेकिन वहां तक जाने का रास्ता नहीं बनाया.

चारों तरफ खेत, फसलों से घिरा रहता है स्टेडियम
स्टेडियम चारों तरफ से खेतों से घिरा है. अब फसलों से घिरे खेतों से होकर स्टेडियम जाना नामुमकिन है. रास्ते के अभाव में यह खेल का मैदान पिछले सात साल से सफेद हाथी साबित हो रहा है. सात साल से इस स्टेडियम में न तो कोई खेल हुआ है और न कोई कार्यक्रम. देखरेख के अभाव में यह जर्जर हो रहा है. खेल और खिलाड़ियों के बजाये यह जगह शराबियों का अड्डा बन गया है. चोर इस स्टेडियम की खिड़की और दरवाजों की चोरी कर रहे हैं.

कलेक्टर बोले- पुराने मामले की जानकारी नहीं
2015 से अब तक धमतरी के कई सरपंच बदले, जनपद की कुर्सी पर कई आए और चले गए, कई आला अधिकारी भी आए और चले गए. जिले में कलेक्टर बदले, आरईएस विभाग के अधिकारी बदले पर किसी ने भी स्टेडियम तक पहुंचने का रास्ता बनवाना उचित नहीं समझा. जब यहां के खिलाड़ियों ने इस बारे में आला अधिकारियों से बात की गई, तो गांव के सरपंच से लेकर कलेक्टर तक सभी ने पुराना निर्माण बोलकर अपना पल्ला झाड़ लिया. बीते दिनों जब युवाओं ने धमतरी कलेक्टर से इस बारे में बात की तो जिलाधिकारी ऋतुराज रघुवंशी ने साफ कह दिया कि इतने पुराने मामले की मुझे कहां से जानकारी होगी, इसमें मैं कुछ नहीं कह सकता.

Tags: Chhattisgarh news, Dhamtari

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