Thursday, May 23, 2024
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IIT, NIT में नहीं मिला एडमिशन, तो टेंशन फ्री होकर इस कॉलेज में लें दाखिला, 36 लाख से अधिक का मिलता है पैकेज

College Placement: अक्सर देखा गया है कि जो लोग 12वीं के बाद इंजीनियरिंग या मेडिकल की पढ़ाई नहीं करते हैं, वे लोग सिंपल ग्रेजुएशन करते हैं. अधिकांश लोग ग्रेजुएशन साइंस, आर्ट्स या कॉमर्स स्ट्रीम से करते हैं. ग्रेजुएशन करने के साथ- साथ लोगों की ख्वाहिश होती है कि कॉलेज में पढ़ाई करने के दौरान प्लेसमेंट के जरिए नौकरी (Job) मिल जाए. नौकरी (job) भी वैसे मिले जिसमें अच्छी सैलरी पैकेज हो. अच्छी सैलरी पैकेज वाली नौकरी पाने के लिए IIT या NIT जाना कोई जरूरी नहीं है. हम आपको ऐसे ही एक कॉलेज के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां 36 लाख से अधिक का सालाना पैकेज (Annual Package) मिलता है. अगर आपके भी कोई जानने वाले या रिश्तेदार ग्रेजुएशन करना चाहते हैं, तो इसके बारे में विस्तार से पढ़ें.

कई क्षेत्रों में नाम कमाएं हैं यहां के छात्र
हिंदू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के अधीन आने वाला एक कॉलेज है. इसकी स्थापना वर्ष 1899 में हुआ था. यह सबसे पुराने और प्रसिद्ध कॉलेजों में से एक है. NIRF रैंकिंग में यह भारत के टॉप 2 कॉलेजों में शुमार है. यहां साइंस, ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंस और कॉमर्स में अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम ऑफर करता है. इसे साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्रालय (भारत सरकार) द्वारा बायोटेक्नोलॉजी विभाग के लिए ‘स्टार कॉलेज’ का दर्जा भी दिया गया है. कॉलेज ने लॉ, अर्थशास्त्र, विज्ञान, मनोविज्ञान, बिजनेस, फिलोशपी, साहित्य, मीडिया, सिनेमा, सेना, खेल और राजनीति के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय पूर्व छात्र तैयार किए हैं. हिंदू कॉलेज नाम होने के बावजूद, इसमें सभी धर्मों के छात्रों को प्रवेश दिया जाता है.

ऐसे बना यह कॉलेज
हिंदू कॉलेज की स्थापना वर्ष 1899 में राष्ट्रवादी कृष्ण दासजी गुरवाले और पंडित दीन दयाल शर्मा द्वारा की गई थी. राय बहादुर अंबा प्रसाद, गुरवाले जी सहित कुछ प्रमुख नागरिकों ने एक कॉलेज शुरू करने का फैसला किया, जो गैर-अभिजात्य और गैर-सांप्रदायिक होते हुए भी युवाओं को राष्ट्रवादी शिक्षा प्रदान करता है. मूल रूप से, कॉलेज किनारी बाज़ार, चांदनी चौक में एक साधारण इमारत में स्थित था और यह पंजाब विश्वविद्यालय से संबद्ध था क्योंकि उस समय दिल्ली में कोई विश्वविद्यालय नहीं था. जैसे-जैसे कॉलेज का विकास हुआ, 1902 में इसे एक बड़े संकट का सामना करना पड़ा. पंजाब विश्वविद्यालय ने कॉलेज को चेतावनी दी कि यदि कॉलेज को अपनी उचित इमारत नहीं मिली तो विश्वविद्यालय कॉलेज की मान्यता रद्द कर देगा. कॉलेज को इस संकट से उबारने के लिए राय बहादुर लाला सुल्तान सिंह आए. उन्होंने अपनी ऐतिहासिक संपत्ति का एक हिस्सा, जो मूल रूप से कश्मीरी गेट, दिल्ली में कर्नल जेम्स स्किनर की थी, कॉलेज को दान कर दिया. कॉलेज वहां 1953 तक कार्य करता रहा. वर्ष 1922 में जब दिल्ली विश्वविद्यालय बना, तो रामजस कॉलेज और सेंट स्टीफंस कॉलेज के साथ हिंदू कॉलेज को बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध कर दिया गया, जिससे वे विश्वविद्यालय से संबद्ध होने वाले पहले तीन संस्थान बने थे.

36 लाख से अधिक का मिलता है पैकेज
इस कॉलेज में हायर और औसत पैकेज क्रमशः 36.50 लाख और 10.40 लाख रुपये सालाना था. प्लेसमेंट आंकड़े 2023 के अनुसार प्रस्तावित औसत पैकेज 8.40 लाख रुपये सालाना था. हालांकि, प्रस्तावित ग्रॉस पैकेज 8.50 लाख रुपये सालाना था. इस कॉलेज में रिक्रूटमेंट के लिए टॉप कंपनियां JSW, KPMG, HCL आदि आते हैं. इसके अलावा, प्रस्तावित हायर, औसत और औसत स्टाइपेंड 60,000 रुपये प्रति माह, 10,000 रुपये प्रति माह और 13.50 रुपये प्रति माह था. प्रस्तावित ग्रॉस स्टाइपेंड 9.50 लाख रुपये था.

इन विषयों की होती है पढ़ाई

Hindu College Subject

Tags: Admission, Delhi University, IIT

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