Sunday, July 14, 2024
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जादवपुर छात्र के मौत का मामला: यूजीसी ने यूनिवर्सिटी को लगाई फटकार, रैगिंग पर मांगे 12 सवालों के जवाब

नई दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कथित रैगिंग एवं यौन उत्पीड़न के मद्देनजर एक छात्र की मृत्यु होने के मामले में ‘औपचारिकता पूरी करने वाली रिपोर्ट’ प्रस्तुत करने के लिए जादवपुर विश्वविद्यालय को फटकार लगाई है. सूत्रों ने यह जानकारी दी. आयोग ने हाल में हुई छात्र की मौत पर विश्वविद्यालय से कहा कि उसने रैगिंग रोकने के लिए कोई सक्रिय कदम नहीं उठाया और वह रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है.

यूजीसी ने पिछले सप्ताह छात्रावास की दूसरी मंजिल की बालकोनी से नीचे गिरकर 17 वर्षीय एक छात्र की मृत्यु के मामले में तथ्यात्मक और की गई कार्रवाई के बारे में रिपोर्ट मांगी थी. सूत्र ने ‘पीटीआई’ से कहा,  ‘पेश की गई रिपोर्ट का अध्ययन किया गया और पाया गया कि यह महज औपचारिकता पूरी करने वाली रिपोर्ट है और मूलत: इसमें रैगिंग की बुराई पर लगाम लगाने की दिशा में सक्रियता से कदम उठाने की बजाए अधिकांशत: प्रतिक्रियात्मक पहल का उल्लेख है.’

यूजीसी ने उसकी ओर से पूछे गए 12 प्रश्नों पर अनुपालन रिपोर्ट मांगी है और साथ ही 24 घंटे के भीतर दस्तावेजी साक्ष्य भी मांगा है. इस बीच, कथित रैगिंग और यौन उत्पीड़न मामले में जादवपुर विश्वविद्यालय के छह पूर्व एवं वर्तमान छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. इन्हें कोलकाता की अदालत ने 28 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस मामले में अब तक नौ लोगों को हिरासत में लिया गया है.

पश्चिम बंगाल सरकार ने इस घटना में प्रशासनिक खामियों की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है. अधिकारियों के अनुसार, समिति को दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने को कहा है. कोलकाता पुलिस ने इस मामले में जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्रों की मीडिया पोस्ट पर संज्ञान लिया है जिसमें फोटोग्राफ भी शामिल हैं. इन पोस्ट से इस बात का संकेत मिलता है कि छात्र की रैगिंग में यौन उत्पीड़न के आयाम भी शामिल हैं.

वहीं, यूजीसी द्वारा विश्वविद्यालय से पूछे गए सवालों में रैगिंग से निपटने के लिए संस्थान की ओर से अपनायी गई प्रक्रिया का विषय भी शामिल हैं. इसमें पूछा गया है कि क्या आवेदक ने एक शपथपत्र पर हस्ताक्षर किया जिससे स्पष्ट होता हो कि उसे रैगिंग रोधी प्रावधानों, नियमन एवं दंड की जानकारी हो? क्या सत्र शुरू होने के पहले दो सप्ताह में नये एवं वरिष्ठ छात्रों के लिए संयुक्त काउंसलिंग आयोजित की जाती है?

इसमें यह भी पूछा गया है कि क्या आवेदक छात्रावास में रहने को इच्छुक था या निजी हॉस्टल में. आयोग ने विश्वविद्यालय से पूछा, ‘क्या आप अकादमिक सत्र शुरू होने के पहले तीन महीने में हर पखवाड़े नए छात्रों के बीच ऐसा कोई सर्वेक्षण कराते हैं जिससे रैगिंग की घटनाओं की पुष्टि हो सके.’ यूजीसी ने यह भी जानना चाहा था कि क्या संस्थान में रैगिंग रोधी हेल्पलाइन और पदाधिकारियों के टेलीफोन नंबर विश्वविद्यालय के प्रवेश संबंधी पुस्तिका में अंकित हैं?

Tags: Kolkata, Ugc, West bengal

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