Thursday, May 23, 2024
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‘चेतन सिंह राइफल लेकर बढ़ा और…’ , RPF जवान ने बताई जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस में हुए कत्लेआम की पूरी कहानी

मुंबई. जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में अपने सीनियर और तीन अन्य यात्रियों की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कांस्टेबल चेतन सिंह ने घटना से कुछ घंटे पहले अपने सहकर्मियों को बताया था कि वह बीमार महसूस कर रहा है और गुजरात के वलसाड स्टेशन पर ट्रेन से उतरना चाहता था.

चेतन सिंह के साथ उसी ट्रेन में मौजूद आरपीएफ कांस्टेबल अमय घनश्याम आचार्य के मुताबिक, 33 वर्षीय चेतन ने उनसे कहा कि वह बीमार है और उन्हें दूसरे कोच में ट्रांसफर कर दिया गया, जहां वह खाली बर्थ पर आराम कर सकता था. आचार्य ने ट्रेन हत्याकांड का सिलसिलेवार ब्योरा देते हुए बताया कि ‘वह, सहायक उप-निरीक्षक (ASI) टीकाराम मीणा, हेड कांस्टेबल नरेंद्र परमार और कांस्टेबल चेतन सिंह के साथ 30 जुलाई (रविवार) को रात लगभग 9:05 बजे मुंबई सेंट्रल से सौराष्ट्र मेल में चढ़े थे.

आचार्या ने बताया कि सभी रेलवे अधिकारी राइफल लिए हुए थे. वे सूरत में ट्रेन से उतरे और लगभग 2:53 बजे जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़े, जिसमें एएसआई टीकाराम मीणा और कांस्टेबल चेतन सिंह को अलग-अलग कोच सौंपे गए, जबकि अमय घनश्याम आचार्य और हेड कांस्टेबल नरेंद्र परमार को अलग-अलग स्लीपर कोच सौंपे गए.

‘चेतन से ड्यूटी पूरी करके इलाज कराने को कहा गया’
यात्रा के आधे घंटे बाद जब आचार्य ने एएसआई टीकाराम मीणा और कांस्टेबल चेतन सिंह से मुलाकात की, तो उन्हें बताया गया कि चेतन बीमार है और गुजरात के वलसाड स्टेशन पर ट्रेन से उतरना चाहता है. आचार्य के मुताबिक, सीनियर अधिकारियों से इसे लेकर बात की और फिर चेतन सिंह से अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद इलाज के लिए जाने को कहा गया, जिसे उसने अस्वीकार कर दिया.

ये भी पढ़ें- RPF जवान ने ट्रेन में क्यों मचाया कत्लेआम? जयपुर एक्सप्रेस फायरिंग की FIR कॉपी में सामने आई यह वजह

आचार्य ने आगे बताया कि कांस्टेबल चेतन सिंह को फिर दूसरे कोच में भेज दिया गया, जहां खाली सीट पर वह आराम कर सकता था. उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ देर के लिए सिंह की राइफल रख ली. हालांकि, थोड़ी ही देर बाद चेतन सिंह का आचार्य से झगड़ा हो गया और उसने अपनी राइफल माग ली.

आचार्य ने कहा, ‘उसने मेरे साथ बहस की और आक्रामक तरीके से अपनी राइफल छीनने की कोशिश की. एक बार तो उसने मेरी गर्दन पकड़ ली, मेरी राइफल छीन ली और कोच से बाहर चला गया.’ इसका विरोध होने पर सिंह ने आचार्य की राइफल वापस कर दी और अपनी राइफल के साथ वहां से चला गया.

‘मैं घबराकर बाथरूम में छुप गया’
आचार्य ने कहा, ‘एएसआई टीकाराम मीणा ने फिर चेतन को समझाने की कोशिश की और उन्हें शांत करने का प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. उसने हमें नजरअंदाज कर दिया और अपनी राइफल का सेफ्टी कैच हटा दिया, जैसे कि वह गोली चलाने वाला हो.’

आरपीएफ जवान ने कहा, ‘सुबह लगभग 5:25 बजे, जब ट्रेन महाराष्ट्र के वैतरणा स्टेशन पर पहुंची और मैं पेंट्री कार में था, मुझे आरपीएफ कांस्टेबल कुलदीप राठौड़ का फोन आया, जिन्होंने मुझे बताया कि एएसआई टीकाराम मीणा को गोली मार दी गई है.’

आचार्य ने कहा, ‘जैसे ही मैं कोच के पास पहुंचा, यात्रियों ने मुझे बताया कि एएसआई टीकाराम मीणा को चेतन सिंह ने गोली मार दी है.’ उन्होंने कहा, ‘फिर मैंने देखा कि चेतन सिंह अपनी राइफल लेकर मेरी ओर आ रहा है. चिंतित और डरा हुआ, मैं एक दूसरी स्लीपर कोच के बाथरूम में जा छुपा. लगभग 10 मिनट बाद, किसी ने चेन खींच दी और ट्रेन मीरा रोड और दहिसर रेलवे स्टेशन के बीच रुक गई.’

‘रुक-रुककर फायरिंग कर रहा था चेतन’
आचार्य ने आगे कहा कि उन्होंने चेतन सिंह को अपनी राइफल के साथ पटरियों पर दौड़ते देखा और इसलिए अन्य यात्रियों को खिड़कियां बंद करने और सुरक्षा के लिए नीचे झुकने के लिए कहा. आचार्य ने कहा, ‘मैंने देखा कि चेतन सिंह ट्रेन की ओर अपनी राइफल तान रहा था और रुक-रुककर फायरिंग कर रहा था. मैंने कुछ गोलियों की आवाज सुनी.’

उन्होंने कहा, ‘मैं सुबह लगभग 6:20 बजे बोरीवली स्टेशन पर ट्रेन से उतरा, जहां रेलवे पुलिस और अन्य अधिकारियों ने एएसआई टीकाराम मीणा और तीन अन्य यात्रियों को जाकर देखा, जिन्हें चेतन सिंह ने गोली मार दी थी. बाद में, यह पुष्टि की गई कि चारों की गोली लगने से मौत हो गई थी.’

घटना के बाद भागने की कोशिश कर रहे चेतन सिंह को हथियार के साथ पकड़ लिया गया.

Tags: Firing, Indian Railways, Mumbai News, RPF

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