Sunday, July 14, 2024
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राजस्थान बीजेपी में सियासी बवंडर: कैलाश मेघवाल ने खोला अर्जुनराम के खिलाफ मोर्चा, पार्टी ने थमाया नोटिस

हाइलाइट्स

कैलाश मेघवाल बनाम अर्जुनराम मेघवाल
कैलाश मेघवाल से बीजेपी ने 10 दिन में मांगा जवाब
विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में विवादित बयान से हुआ बखेड़ा

जयपुर. राजस्थान में चुनावी माहौल तैयार करने के लिए बीजेपी (BJP) की ओर से निकाली जा रही परिवर्तन यात्राओं से ऐन पहले वरिष्ठ नेता कैलाश मेघवाल ने केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल (Kailash Meghwal Vs Arjunram Meghwal) के खिलाफ बयानबाजी कर पार्टी में उठने वाले बवंडर की ओर इशारा कर दिया है. हालांकि पार्टी ने कैलाश मेघवाल को नोटिस जारी कर 10 दिन में जवाब मांग लिया है. लेकिन इस बयानबाजी के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. राजस्थान बीजेपी में गुटबाजी से आलाकमान भी अनभिज्ञ नहीं है. यहीं कारण है कि इस बार पार्टी पीएम मोदी के चेहरे के जरिए ही चुनाव मैदान में उतरी है ताकि गुटबाजी के तमाम नुकसानों से बचा जा सके.

पार्टी में गुटबाजी को पूरी तरह खत्म करने के लिए ही परिवर्तन यात्राओं में किसी एक चेहरे की बजाय सामूहिक तौर पर यात्रा निकालने के फैसला किया गया है. परिवर्तन यात्राओं का आगाज होने में अब कुछ दिनों का ही वक्त बचा है और इस बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश मेघवाल के बयानों से गुटबाजी को फिर से हवा मिल गई है. कैलाश मेघवाल की बयानबाजी को प्रदेश बीजेपी में चल रही गुटबाजी के अलावा राष्ट्रीय नेतृत्व को चुनौती भी माना जा रहा है.

मेघवाल ने अर्जुनराम पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
दरअसल, कैलाश मेघवाल ने हाल ही में केन्द्रीय मंत्री अर्जुननराम मेघवाल पर भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधा है. मेघवाल हाल ही में पीएम मोदी की राजस्थान में कई सभाओं को संभालने का जिम्मा भी संभाल चुके हैं. ऐसे में अुर्जनराम मेघवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने से मोदी सरकार की छवि पर भी असर पड़ता है. इसके अलावा टिकट को लेकर भी कैलाश मेघवाल के बयान पार्टी को असहज करते हैं. मेघवाल ने टिकट के लिए दिल्ली और जयपुर चक्कर लगाने की बजाय घर पर टिकट भेजने की बात कहकर पार्टी में खलबली मचा दी है.

मेघवाल को नोटिस जारी कर 10 दिन में जवाब मांगा
इस बयान को शीर्ष नेतृत्व को चुनौती वाला बयान के रूप में देखा जा रहा है. यही कारण है कि पार्टी ने भी कैलाश मेघवाल को नोटिस जारी कर 10 दिन में जवाब मांग लिया है. बीजेपी प्रदेश अनुशासन समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने बताया कि ऐसे मामलों में पूरी प्रकिया का पालन किया जाता है. अनुशासनहीनता मामले में संबंधित व्यक्ति को पूरा अवसर दिया जाता है.

मेघवाल ने गुलाबचंद कटारिया के खिलाफ भी मोर्चा खोला था
कैलाश मेघवाल की बयानबाजी की टाइमिंग और कांग्रेस नेताओं के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. पार्टी परिवर्तन यात्रा निकालने जा रही है. इसमें चार अलग अलग दिनों में पार्टी के शीर्षस्थ नेता आने वाले हैं. ऐसे समय में पार्टी को असहज करने के पीछे क्या मंशा है? वहीं जब पीएम मोदी समेत पूरी पार्टी कांग्रेस और सीएम गहलोत पर हमलावर है. ऐसे समय में सीएम गहलोत और विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के प्रति सॉफ्ट बयानों को भी बगावत के तौर पर समझा जा रहा है. इसके अलावा कैलाश मेघवाल को वसुंधरा खेमे का भी माना जाता है. मेघवाल ने साल 2021 में गुलाबचंद कटारिया के खिलाफ भी मोर्चा खोला था.

मेघवाल को पार्टी ने कई जिम्मेदारियां दे रखी हैं
बीजेपी ने केन्द्रीय मंत्री अुर्जनराम मेघवाल को कई जिम्मेदारियां दे रखी हैं. चाहे केन्द्र में कानून मंत्री का जिम्मा हो या फिर प्रदेश में संकल्प पत्र समिति के संयोजक का जिम्मा. इसके अलावा अुर्जनराम मेघवाल प्रदेश बीजेपी की ज्वाइनिंग कमेटी में भी हैं. बीजेपी भीमराव अम्बेडकर के बाद किसी दलित को कानून मंत्री बनाए जाने को प्रचारित कर दलित वोट बैंक को साध रही है. ऐसे में राजस्थान में बीजेपी के मुख्यमंत्री फेस के रूप में अुर्जनराम मेघवाल का नाम स्वतः ही चर्चाओं में है. कैलाश मेघवाल के बयान को अर्जुनराम मेघवाल की दावेदारी को खत्म करने के रूप में भी देखा और समझा जा रहा है.

Tags: Bhilwara news, Jaipur news, Rajasthan bjp, Rajasthan news, Rajasthan Politics

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