Thursday, June 13, 2024
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कर्नाटक में टूटा तबाही का पहाड़, बारिश 38 लोगों की जान, सैकड़ों जानवरों की भी मौत,

बेंगलुरु: कर्नाटक में भारी बारिश ने सब कुछ तहस-नहस किया हुआ है. राज्य सरकार ने बुधवार को कहा कि 1 जून से राज्य में जलभराव, बिजली गिरना, घर ढहना, पेड़ गिरना और भूस्खलन जैसी तमाम घटनाएं हुई हैं, जिसके कारण 38 लोगों की जान गई है और 35 लोग घायल हुए हैं. राज्य सरकार के अनुसार, 57 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए, 208 घर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए और 2,682 घर थोड़े क्षतिग्रस्त हुए हैं.

कर्नाटक में बारिश के कारण 105 मवेशियों की मौत हो गई है. बुधवार तक 541.39 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें जलमग्न हो गईं, जिनमें 185 हेक्टेयर कृषि फसलें और 356 हेक्टेयर बागवानी फसलें भी शामिल हैं. इसके अलावा, 2109 किमी सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिनमें 407 किमी राजमार्ग और 1277 किमी जिला राजमार्ग और ग्रामीण सड़कें शामिल हैं. राज्य सरकार ने कहा कि 189 पुल, 889 स्कूल कमरे, 8 प्राथमिक केंद्र, 269 आंगनवाड़ी केंद्र के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है.

राज्य के मौसम, वर्षा और कृषि गतिविधियों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को जिला कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ वीडियो कॉल की. बारिश से होने वाली मौतों और नुकसान से बचने के लिए एहतियाती उपायों पर जोर देते हुए सिद्धारमैया ने सुझाव दिया कि जिला प्रशासन को इस संबंध में और अधिक प्रयास करना चाहिए.

सिद्धारमैया ने कहा ‘बाढ़ आने पर कई किसान विस्थापित नहीं हो सकते. बाढ़ का पूर्वानुमान होते ही स्थानांतरण की कार्रवाई करें. लोगों की व्यापक शिकायतें हैं कि पिछली सरकार द्वारा विकल्प के रूप में बनाए गए घर किसी के रहने लायक नहीं हैं इसलिए एहतियाती उपायों पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए.’

मुख्यमंत्री ने जलाशयों के पास जाने से रोकने के लिए कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि लोगों को इसके बारे में सचेत किया जाना चाहिए कि जान बचाने के लिए जागरूकता पैदा करने का काम किया जाना चाहिए. सिद्धारमैया ने कहा ‘कुछ हद तक, अधिकारियों को उन स्थानों के बारे में पहले से जानकारी है जहां भूस्खलन हो सकता है. यदि पुलिस और ग्रामीण विकास विभाग के बीच समन्वय हो तो जानमाल की हानि को टाला जा सकता है.

राज्य सरकार के अनुसार, चक्रवात बिपरजॉय के कारण जून में कर्नाटक में 56% बारिश की कमी देखी गई. हालांकि, जुलाई में 313 मिमी बारिश देखी गई, जो सामान्य बारिश से 37% अधिक है. राज्य सरकार ने कहा कि 1 जून से अब तक चार जिलों में भारी बारिश हुई है, 21 जिलों में सामान्य बारिश हुई है, जबकि छह जिलों में बारिश की कमी है.

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इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने तटीय कर्नाटक क्षेत्र में भारी बारिश की भविष्यवाणी की और गुरुवार सुबह तक रेड अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने अत्यधिक भारी वर्षा की भविष्यवाणी करते हुए ऑरेंज अलर्ट और तीन जिलों – उडुपी, दक्षिण कन्नड़ और उत्तर कन्नड़ के लिए भारी वर्षा की भविष्यवाणी करते हुए येलो अलर्ट भी जारी किया. मौसम विभाग ने गुरुवार सुबह तक बेलगावी, चिक्कमगलुरु और कोडागु के लिए ऑरेंज अलर्ट और बीदर, कालाबुरागी, रायचूर, विजयपुरा, यादगीर, हसन और शिवमोग्गा के लिए येलो अलर्ट जारी किया.

Tags: Heavy rain, Karnataka

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