Sunday, July 14, 2024
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कभी बन गया था खालिस्तान का पोस्टर बॉय, अब अपने ही गांव में अमृतपाल की कोई पूछ तक नहीं, पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट

नई दिल्‍ली. जेल में बंद खालिस्‍तान समर्थक अमृतपाल सिंह का अपने खुद के गांव में भी असर लगभग खत्‍म हो गया है. न्‍यूज18 ने अमृतसर के पास मौजूद अमृतपल सिंह के जल्लूपुर खेड़ा गांव का दौरा किया. इस दौरान पता चला कि उसके गांव में भी खालिस्‍तान समर्थन की आग पूरी तरह से बुझ चुकी है. हालांकि कुछ लोग यह जरूर मानते हैं कि गांव में युवाओं के ड्रग्‍स लेने की घटनाओं में अमृतपाल सिंह की वजह से कमी जरूर आई थी. उसे फिलहाल असम की डिब्रूगढ़ जेल में रखा गया है.

हैरानी की बात यह है कि जल्लूपुर खेड़ा गांव के लोग कह रहे हैं कि अलग देश खालिस्तान बनाने की बात करना अमृतपाल सिंह द्वारा बनाया गया एक धोखा था. जमीनी स्‍तर पर लोगों में ऐसी कोई भावना नहीं है. गांव के दो बुजुर्ग सतपाल सिंह और हरमन सिंह ने गुरुवार को न्‍यूज18 से कहा, ‘खालिस्तान कोई मुद्दा नहीं है, मुझे ऐसा नहीं लगता. जमीन पर कुछ भी नहीं है. अमृतपाल जैसे कुछ लोगों ने इसे बनाया है. खालिस्तान कैसे बन सकता है? यह भारत है और यह ऐसा ही रहेगा.’

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नशामुक्ति केंद्र के नाम पर कट्टरपंथ का काम…
स्थानीय गुरुद्वारा, जहां अमृतपाल सिंह युवाओं को अपने उपदेश देता था, वो अब विरान है. बताया जा रहा है कि यहां से वो अपना तथाकथित नशामुक्ति केंद्र चलाता था. ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस ने हथियार बरामद करने के लिए वहां छापेमारी की थी. दावा किया कि सिंह ने इस केंद्र से युवाओं को कट्टरपंथी बनाया. उन्हें ड्रग्स से दूर करने के बजाय हथियारों का प्रशिक्षण दिया.

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अमृतपाल सिंह का चैप्‍टर खत्‍म…
जल्लूपुर खेड़ा गांव में बहुत से लोग अब अमृतपाल सिंह के बारे में बात नहीं करना चाहते. उनका मानना है कि यह चैप्‍टर अब खत्‍म हो चुका है. उनके परिवार के करीबियों का मानना है कि जिस तरह के मुकदमे उसपर दर्ज हैं, उसे देखते हुए कई सालों तक उसका जेल से बाहर आ पाना संभव नहीं है. इसी साल मार्च के महीने में पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने का प्रयास किया था लेकिन वो फरार हो गया. आखिरकार उसने 35 दिनों के बाद आत्मसमर्पण कर दिया था.

रोजगार की कमी से गुमराह हो रहे युवा…
ग्रामीणों का कहना है कि यहां रोजगार की काफी कमी है. अगर पंजाब सरकार गांव के युवाओं को रोजगार देगी तो खालिस्‍तान जैसे मुद्दे अपने आप ही खत्‍म हो जाएंगे. कुछ युवाओं का कहना है कि अमृतपाल ने नशीली दवाओं के सेवन को खत्‍म करने में अच्‍छी भूमिका निभाई. ‘वह एक ऐसा व्यक्ति था, जो गुमराह हो गया. जब वह यहां था तो इलाके में कोई चोरी नहीं हुई थी क्योंकि नशीली दवाओं का कोई दुरुपयोग नहीं था. अब, फिर से गांव और आसपास के इलाकों में हर जगह नशे के आदी लोगों को देखा जा सकता है.’

Tags: Amritpal Singh, Amritpal Singh News, Khalistan, Punjab news

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