Saturday, May 18, 2024
Homeमहाराष्ट्र'ऊंची है ब‍िल्‍ड‍िंग ल‍िफ्ट तेरी बंद है', कभी फंसे हैं Lift में...

‘ऊंची है ब‍िल्‍ड‍िंग ल‍िफ्ट तेरी बंद है’, कभी फंसे हैं Lift में तो 10 प्‍वाइंट में आज जान लें इससे जुड़े न‍ियम

द‍िल्‍ली-एनसीआर में बीते कुछ सालों में हाई राइज बिल्डिंग का न‍िर्माण बढ़ा है और इसके चलते ल‍िफ्ट अब हर सोसयाटी में होती ही है लेक‍िन कई बार देखने में यह सामने आता है क‍ि यहां ल‍िफ्ट को लेकर जो न‍ियम बनाए गए हैं उनका पालन नहीं होता है. इसको लेकर 90 के दशक में एक गाना भी आया था ‘ऊंची है ब‍िल्‍ड‍िंग ल‍िफ्ट तेरी बंद है’, हालांक‍ि जब यह गाना बना था तब तो ल‍िफ्ट उतनी ज्‍यादा नहीं थी पर आजकल लोगों को जब इसका सामना करना पड़ता तो इस गाने का असली मतलब समझ में आता है. ऐसा ही एक मामला फरीदाबाद के सेक्‍टर 86 से सामने आया है. यहां पर 8 साल का एक बच्‍चा करीब 3 घंटे तक ल‍िफ्ट में फंसा रहा. गनीमत यह रही क‍ि बच्‍चे को क‍िसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचा. बताया जा रहा है क‍ि ट्यूशन पढ़ने जाने के दौरान 8 वर्षीय गौरवान्‍व‍ित ल‍िफ्ट में अकेला था. पांचवी मंज‍िल से पहली मंज‍िल पर जाने के दौरान वह दूसरे फ्लोर में जाकर लिफ्ट में फंस गया. गौरवान्‍व‍ित के प‍िता ने जैसा उसे बताया था उस बच्‍चे ने ब‍िना डरे पहले ल‍िफ्ट में लगे इमरजेंसी बटन को कई बार दबाया और जोर-जोर से च‍िल्‍लाकर मदद मांगी. जब कोई उसकी मदद के ल‍िए पहुंचा तो उसने ल‍िफ्ट में बैठकर अपना होमवर्क करने लगा. जब कई घंटे बाद तक बेटा घर नहीं लौटा तो पर‍िवारों ने बच्‍चे को ढूंढना शुरू क‍िया तो पता चला क‍ि बच्‍चा ल‍िफ्ट में फंसा है. इसके बाद कर्मचार‍ियों की मदद से बच्‍चे को बाहर न‍िकाला गया.

आख‍िर ल‍िफ्ट को लेकर क्‍या नियम और कानून हैं जिन्हें समझना आवश्यक है:

ब‍िल्‍ड‍िंग में जहां तक लिफ्ट की संख्या का सवाल है तो इसको लेकर कोई भी नियम साफ नहीं है. भारतीय मानक (आईएस) 14665 भाग 2, खंड 1 और भारत का राष्ट्रीय भवन कोड (एनबीसी) 2016 यातायात विश्लेषण गणना के लिए दिशानिर्देश प्रदान करते हैं, जो हैंडलिंग क्षमता और प्रतिक्रिया समय निर्धारित करते हैं. इस विश्लेषण के आधार पर विभिन्न प्रकार की इमारतों के लिए अलग-अलग सिफारिशें हैं. 15 मीटर से ऊंची इमारतों के लिए आठ यात्रियों वाली फायर लिफ्ट (स्वचालित दरवाजे और 60 सेकंड में टॉप फ्लोर तक पहुंचने के लिए पर्याप्त गति के साथ) वाली सुव‍िधा होनी चाह‍िए. अन्‍य आवश्यकता फायर प्र‍िवेंशन एक्‍ट और रूल्‍स ऑफ ईच स्‍टेट के अनुसार होनी चाह‍िए.

एनबीसी 2016 के मुताब‍िक, 30 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों में स्ट्रेचर लिफ्ट की आवश्यकता होती है, चूंकि ये आवश्यकताएं अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हैं. इसलिए विशिष्ट मामलों के लिए तकनीकी विशेषज्ञ से सलाह करने की सिफारिश की जाती है.

ल‍िफ्ट लगाने के ल‍िए लाइसेंस लेने की जरूरत अभी स‍िर्फ 10 राज्‍यों में महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल, असम, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में ही जरूरी है. हर राज्य का लिफ्ट अधिनियम अलग-अलग है. इसमें ल‍िफ्ट लगाने की प्रक्र‍िया, फीस स्‍ट्रेक्‍चर और समयसीमा को परिभाषित क‍िया गया है. अधिनियम में मौजूदा इमारतों के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए दिशानिर्देश भी शामिल हैं.

लिफ्ट लगाने को लेकर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा निर्धारित अभ्यास संहिता का पालन करना आवश्यक है. आईएस 14665 भाग 4 की धारा 3 खंड 5.8 के अनुसार, लिफ्ट के अंदर शीशे के उपयोग करने देता है. हालांकि, यह अनुशंसा भी करता है क‍ि वे स्प्लिंटर-प्रूफ होने चाहिए और किसी भी असामान्यता के कारण टूटने की स्थिति में यात्रियों को चोट नहीं पहुंचानी चाहिए.

द इलेक्‍ट्र‍िकल इंस्‍पेक्‍टर और अस‍िस्‍टेंट इलेक्‍ट्र‍िकल इंस्‍पेक्‍टर बकाएदारों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं. बॉम्बे लिफ्ट्स अधिनियम, 1939 के तहत किसी भी उल्लंघन के लिए 500 रुपये का जुर्माना लगाया सकता है, साथ ही उल्लंघन के पहले दिन के बाद प्रत्येक दिन के लिए 50 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है.

वहीं दिल्ली-एनसीआर में दिल्ली लिफ्ट नियम, 1942 के तहत इंस्पेक्टर इमारतों का निरीक्षण कर सकता है ये देखने के ल‍िए न‍ियमों का पालन हो रहा है या नहीं. अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने वाली लिफ्ट को लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के अलावा इंस्पेक्टर खामियों में सुधार के लिए भी बकाएदारों को नोटिस जारी कर सकता है.

13 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारत में लिफ्ट होनी चाहिए. ल‍िफ्ट ग्राउंड फ्लोर से अधिकतम छह व्यक्तियों की क्षमता के साथ प्रदान किया जाना चाहिए. उन राज्यों में उपकरण और यात्रियों की सुरक्षा के लिए आईएस-अनुपालक लिफ्ट और एस्केलेटर का उपयोग करने की अनुशंसा की जाती है जहां लिफ्ट अधिनियम परिभाषित नहीं है.

घरेलू लिफ्ट के लिए, अनुशंसित मानक आईएस 14665 और आईएस 15259 हैं. यदि इसमें मशीन रूम नहीं है, तो आईएस 15785 या समान आईएस 14671 की सिफारिश की जाती है. आईएस 15259: 2002 खंड 5 के अनुसार, एक होम लिफ्ट की भार क्षमता 204 किलोग्राम (तीन यात्री) से कम नहीं होनी चाह‍िए और 272 किलोग्राम (चार यात्री) से अधिक नहीं होनी चाहिए और ल‍िफ्ट की गति 0.2 मीटर प्रति सेकंड से अधिक नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा, विभिन्न तकनीकी कारणों से दो-व्यक्ति लिफ्ट की अनुशंसा नहीं की जाती है.

यात्री लिफ्ट को लगाने की मंजूरी लेने के लिए लिफ्ट निरीक्षक को एक निर्धारित आवेदन जमा करना होता है. लिफ्ट के नियम काफी सख्‍त हैं और इसके सभी मानदंडों का अनुपालन कराने के ल‍िए एक तकनीकी विशेषज्ञ को शामिल करने की सलाह दी जाती है.

लिफ्ट को लगाने से पहले कॉम्प्लेक्स/बिल्डिंग/प्रोजेक्ट के मालिक को दो अलग-अलग लाइसेंस के लिए राज्य सरकार को आवेदन करना होगा. पहला लिफ्ट स्थापित करने और उपयोग करने के लिए. दूसरा आवासीय लिफ्ट स्थापित करने के लिए कम से कम 20-25 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता होती है, साथ ही 8 वर्ग फुट गड्ढे वाली जगह की भी आवश्यकता होती है. यदि फायर अलार्म बज गया हो तो लिफ्ट का उपयोग नहीं करना चाहिए.

.

FIRST PUBLISHED : August 21, 2023, 11:33 IST

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_imgspot_img

Recent News

Most Popular

error: कॉपी करणे हा कायद्याने गुन्हा आहे ... !!