Thursday, May 23, 2024
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‘अमावस्या पर ज्यादा चौकसी…’ UP में हिंदू पंचांग के हिसाब से होगी पुलिसकर्मियों की तैनाती, DGP ने दिया आदेश

लखनऊ. उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) विजय कुमार ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को हिंदू पंचांग के आधार पर चंद्रमा की गतिविधि के हिसाब से तैनाती का आदेश दिया है. साथ ही लोगों को भी इसी आधार पर सतर्क रहने की सलाह दी है. विजय कुमार ने पिछली 14 अगस्त को सभी वरिष्ठ पुलिस अफसरों को भेजे गये परिपत्र (सर्कुलर) में कहा है कि वे कैसे चंद्रमा की ‘कलाओं’ के आधार पर तैनाती करें. उन्होंने कहा कि चंद्रमा की कलाओं को जानने के लिये सबसे आसान तरीका हिंदू पंचांग है.

उन्होंने अपने इस परिपत्र पर विस्तार से बात करते हुए सोमवार को जारी एक वीडियो में बताया कि आम लोगों को भी यह जानना इसलिये जरूरी है ताकि उन्हें पता रहे कि अपराधी किस वक्त अपनी गतिविधियां करते हैं. कुमार ने एक चार्ट के माध्यम से इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि किस तारीख को चंद्रमा कितने बजे उगता और अस्त होता है और रात कब आंशिक रूप से और कब बिल्कुल अंधेरी होती है.

अमावस्या के समय की मिलती है जानकारी
उन्होंने कहा कि लोगों को जानना चाहिये ताकि वे सतर्क रहें और पुलिस को भी यह जानना चाहिये ताकि वह उस समय सबसे ज्यादा मुस्तैद रहे. उन्होंने चार्ट के जरिये चांद की गतिविधियों के बारे में बताते हुए कहा, ‘आठ अगस्त को छह बजे शाम से रात 12 बजे तक पूरा अंधेरा रहता है और अपराधी पूरी सक्रिय हो सकते हैं. इसके बाद 16 अगस्त को अमावस्या का समय था. इसमें चंद्रमा का उदय सुबह छह बजे होता है और शाम छह बजे वह अस्त हो जाता है. इसका मतलब 16 अगस्त को पूरी रात बिल्कुल अंधेरा होता है. उस वक्त पूरी रात अपराधियों के लिये बड़ी मुफीद होती है.’

अंधेरी रातों की सही जानकारी के लिए सतर्कता
डीजीपी ने बताया कि 24 अगस्त को चांद शाम को छह बजे से रात 12 बजे अस्त हो जाता है यानी रात 12 बजे से सुबह छह बजे तक अंधेरी रात होती है जिसमें अपराधी अपना काम करते हैं. उन्होंने कहा कि पूर्णमासी के बाद जो सप्तमी आती है, उससे लेकर अमावस्या की सप्तमी के बीच का समय अपराधियों के लिये बड़ा उपयुक्त है और इस बात को जानने के लिये हिंदू पंचांग का प्रयोग कर सकते हैं.

पंचांग से मिलती है सटीक जानकारी
कुमार ने कहा, ‘यह पंचांग बताता है कि किस रात में अमावस्या है, कब शुक्ल पक्ष और कब कृष्ण पक्ष की सप्तमी है. इसी के बीच पुलिस को विशेष रूप से सतर्क रहना है. जनता को भी यह जान लेना चाहिये कि कब अपराधी ज्यादा सक्रिय होते हैं. इस सर्कुलर का यही उद्देश्य था. यह जनता के लिये भी उपयोगी है. हर आदमी को जानना चाहिये कि अपराधी कब उनके आसपास गतिविधि कर सकते हैं.’

Tags: Lucknow news, UP DGP, UP news, UP police

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