Sunday, July 14, 2024
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सैनी गांव का ‘गड़गज’, कभी ब्रिटिश सैनिक रखते थे आसपास नजर, जानें अब कैसे हैं हाल

विशाल भटनागर/मेरठ. पश्चिम उत्तर प्रदेश की मेरठ की बात की जाए, तो यहां विभिन्न ऐसे ऐतिहासिक स्‍थल हैं, जो कि महाभारत काल से लेकर क्रांति तक की गाथा को दर्शाते हैं. कुछ इसी तरह का एक गड़गज मेरठ के सैनी गांव में बना हुआ है, जोकि धरती से लगभग 100 फुट ऊंचा है. बता दें कि सैनी गांव 60 फुट ऊंचे टीले पर बसा हुआ है, जो कि मेरठ जिले का सबसे ऊंचा गांव माना जाता है.

हस्तिनापुर से संबंधित क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं पर रिसर्च करने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर प्रियांक भारती कहते हैं कि ऐतिहासिक पहलुओं के अनुसार ब्रिटिश अधिकारी सर जॉर्ज एवरेस्‍ट द्वारा वर्ष 1802 में इस गड़गज का निर्माण कराया था. इसके माध्यम से ट्रिग्नोमेट्री सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा क्षेत्र का सर्वे करते हुए प्रथम बार नक्शा तैयार किया था. इसका उल्लेख विभिन्न किताबों में भी देखने को मिलेगा. वहीं, द ग्रेट आर्स किताब में इसके निर्माण से लेकर हर तरह की संरचना का उल्लेख फोटो के साथ वर्णन किया गया है.

पुरानी इमारत, लेकिन नहीं है कोई देखरेख
ग्रामीणों का कहना है कि यह जो गड़गज बना हुआ है. यह गांव के सबसे ऊंचे स्थान पर है. दूर-दराज से भी लोग इसे देखने के लिए आते हैं, लेकिन जिस प्रकार की देख रेख होनी चाहिए, वह नहीं होती. ग्रामीणों के मुताबिक, हमारे पूर्वजों का कहना था कि यह पांच मंजिला थी, लेकिन इस में से दो मंजिला गिर चुकी हैं. अब सिर्फ तीन मंजिला ही बचा हुआ है.

ऊंचाई तक ले जाएंगी सीढ़ी
अगर आप भी इसको देखने जाएंगे तो इसकी चोटी तक जाने के लिए लोहे की सीढ़ियां बनी हुई हैं, लेकिन देख रेख न होने के कारण इन पर चढ़ना खतरनाक भी हो सकता है. बता दें कि आज भी इसमें 20-20 फुट के ऊपर आपको दो खिड़कियां दिखाई देंगी, जिस पर व्यक्ति की खड़े होने और बैठने का इंतजाम है. कहा जाता है कि इन्हीं खिड़कियों से अंग्रेज सैनिकों द्वारा नजर रखी जाती थी.

Tags: Local18, Meerut news, UP news

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