Thursday, May 23, 2024
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पनामा और पैंडोरा पेपर लीक मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, गोवा के खनन कारोबारी अनिल सालगांवकर की जब्त की संपत्ति

नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पनामा पेपर लीक और पैंडोरा पेपर लीक मामले की जांच के दौरान गोवा के प्रसिद्ध खनन कारोबारी दिवंगत अनिल सालगांवकर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने कथित रूप से 5,718 करोड़ रुपये की अघोषित विदेशी संपत्ति रखने के मामले में सालगांवकर की विभिन्न कंपनियों में हिस्सेदारी विदेशी मुद्रा विनिमय कानून (FEMA) के तहत बुधवार को जब्त कर ली.

ईडी अधिकारियों के मुताबिक, पनामा पेपर लीक और पैंडोरा पेपर लीक का संज्ञान लेने के बाद शुरू की गई जांच में पता चला कि दिवंगत अनिल सालगांवकर की कंपनियों के जरिये बैंकॉक, सिंगापुर और चीनी की कंपनियों को गलत तरीके से हजारों करोड़ रुपये का मुनाफा पहुंचाया गया है. ईडी ने सालगांवकर की कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए की फेमा, 1999 की धारा 37ए (1) के तहत संपत्ति की जब्ती आदेश जारी किये हैं. साथ ही ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड (BVI) कंपनियों के शेयर भी सीज कर लिए गए हैं.

सालगांवकर पर लगे ये आरोप
दरअसल, ईडी की जांच में पता चला कि दिवंगत अनिल सालगांवकर के पास गोवा और कर्नाटक में लौह अयस्क खदानें थीं और इन खदानों से उत्पादित लौह अयस्क उनके भारतीय कंपनियों के माध्यम से विशेष रूप ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड और सिंगापुर में एसपीवी (Special Purpose Vehicle) को चोरी-छिपे निर्यात किया जा रहा था. यानी, इन खदानों से होने वाला लाभ विदेशी कंपनियों को पहुंचाया जा रहा था.

ईडी के मुताबिक, सालगांवकर की 5 बीवीआई कंपनियों ने उनकी लौह अयस्क व्यापारिक गतिविधियों के माध्यम से लगभग 690,650,641 अमेरिकी डॉलर (लगभग 5718 करोड़ रुपये) का लाभ कमाया. जबकि भारतीय अधिकारियों के समक्ष इसकी घोषणा नहीं की गई थी. इसके बाद इस अवैध मुनाफे का बड़ा हिस्सा अनिल सालगांवकर की बीवीआई कंपनियों समेत 33 कंपनियों ने गोवा, मुंबई और कर्नाटक में करीब 441 जमीन खरीद में निवेश किया गया था, जिन्हें फेमा के तहत कार्रवाई करते हुए जब्त कर लिया गया.

Tags: Enforcement directorate, India news

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