Thursday, June 13, 2024
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Paracetamol Tablet: 60 किलो से अधिक और 30 किलो से कम है वजन तो कितना लें पेरासिटामोल का डोज, जानें डॉक्टरों की सलाह

नई दिल्ली. पेरासिटामोल (Paracetamol) एक ऐसी दवा है, जो तकरीबन हर घर में रहता है. बुखार (Fever), वदन दर्द (Body Pain), सर दर्द से लेकर डेंगू (Dengue), मलेरिया और चिकनगुनिया में भी इस दवा का प्रयोग होता है. पिछले कुछ सालों से वयस्कों (Adults) को इस दवा का डोज 650 एमजी कर दिया गया है. वहीं, बच्चों को वजन के हिसाब से डॉक्टर डोज निर्धारित करते हैं. पेरासिटामोल का ज्यादा इस्तेमाल करने से लिवर-किडनी भी खराब हो सकता है. अगर कोई शख्स एक दिन में 4 ग्राम से ज्यादा का डोज लेता है तो उसके सेहत के लिए खतरनाक है. भारत के अलग-अलग राज्यों के दवा दुकानों में जैसे यूपी, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश में इसे क्रोसिन (Crocin), डोलो (Dolo), काल्पोल (Calpol), सूमो एल (Sumo L), कांबीमोल (Kabimol) और पेसीमोल (Pacimol) जैसे कई नामों से मिलती हैं. ऐसे में जानते हैं कि 60 किलो से अधिक और 30 किलो से कम वजन वाले बच्चों को पेरासिटामोल का डोज कितना देना चाहिए?

पेरासिटामोल अगर आप उम्र और वजन के हिसाब से नहीं लेते हैं तो आप ठीक होने के बजाए और बीमार हो सकते हैं. डॉक्टरों का मानना है कि इस दवा के साइड इफेक्ट्स से आपका लीवर और किडनी दोनों खराब हो सकता है. इसलिए पेरासिटामोल टेबलेट का इस्तेमाल डॉक्टरों के सलाह के बाद ही करना चाहिए. डॉक्टर किसी भी मरीज को वजन, उम्र और उसका पुराना मेडिकल रिकॉर्ड देख कर ही पेरासिटामोल का डोज बताते हैं.

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पेरासिटामोल अगर आप उम्र और वजन के हिसाब से नहीं लेते हैं तो आप ठीक होने के बजाए और बीमार हो सकते हैं. (PTI सांकेतिक तस्वीर)

पेरासिटामोल के फायदे और नुकसान
पेरासिटामोल टेबलेट बुखार के साथ-साथ दर्द निवारक दवा भी है. पेरासिटामोल टेबलेट का उपयोग कई तरह के दर्द जैसे सिरदर्द, पीठ दर्द, शरीर दर्द, मांसपेशियों में खिचाव में होने वाले दर्द के साथ-साथ गठिया और अन्य तरह के दर्द में भी काम आता है. डॉक्टर इस टेबलेट का इस्तेमाल बुखार के साथ-साथ माहवारी, दांत दर्द, ठंड लगने के साथ-साथ पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस में भी करते हैं.

बच्चों को वजन के हिसाब दें डोज
नोएडा के प्रकाश अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर अभिषेक कुमार कहते हैं, ‘पेरासिटामोल टेबलेट का इस्तेमाल सभी लोग कर सकते हैं. बशर्ते कि मरीज गंभीर बीमारी से ग्रस्त न हों. खासकर हर्ट, किडनी और फेफड़ा रोग से ग्रस्त न हों. अमूमन पेरासिटामोल सिर दर्द, थकान और बुखार में काम आने वाली दवाई है. लेकिन, इस दवा का धड़ल्ले से इस्तेमाल परेशानी का सबब बन सकता है. कोई भी शख्स एक दिन में अगर 4 ग्राम या उससे ज्यादा का डोज लेता है तो वह खतरनाक है. प्रेग्नेंसी में भी पेरासिटामोल का इस्तेमाल बच्चे के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है.’

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डॉक्टर अमूमन मरीज का पिछला रिकॉर्ड के साथ-साथ वजन, हाइट, परिवेश के आधार पर खुराक तय कर सकते हैं.

60 किलो से ज्यादा और 30 किलो से कम वजन वालों के लिए डोज
डॉ अभिषेक आगे कहते हैं, ‘अगर किसी वयस्क को बुखार है और उसका वजन 40 किलो से ज्यादा है तो 500 एमजी से 650 एमजी तक पैरासिटामोल की खुराक 4 से 6 घंटे की अवधि के दौरान दी जा सकती है. कुछ स्पेशल मामले में डोज बढ़ाया भी जा सकता है और घटाया भी जा सकता है. मरीज का मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद ही डोज बढ़ाया या घटाया जाता है. कई भी डॉक्टर अमूमन मरीज का पिछला रिकॉर्ड के साथ-साथ वजन, हाइट, परिवेश के आधार पर खुराक तय कर सकते हैं. बुखार में 500 एमजी पेरासिटामोल को 6 घंटे के बाद ही लेने की सलाह देते हैं. छोटे बच्चों को वजन के हिसाब से ही पेरासिटामोल दिया जाता है. अगर एक महीने से कम का बच्चा है तो उसे 10 से 15 एमजी पेरासिटामोल प्रति किलो वजन के हिसाब से 4 से 6 घंटे के अंतराल पर देना चाहिए.’

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डॉक्टरों का यह भी मानना है कि बुखार की दवा अगर आप तीन दिन से ले रहे हैं और बुखार उतर नहीं रहा है तो तुरंत ही इसे छोड़ देना चाहिए. इस हालत में आपको डॉक्टर से तुरंत ही संपर्क करना चाहिए. इसके साथ ही आपके शरीर में अगर किसी भी तरह का दर्द हो रहा है तो आप इसे 10 दिन से ज्यादा नहीं ले सकते. लिवर, किडनी, अल्कोहल एडिक्टेड या अंडरवेट वाले मरीज पेरासिटामोल का इस्तेमाल बिना डॉक्टरी सलाह से न करें.

Tags: Doctors, Fever, Health News, Health tips, Medicines

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