Sunday, July 14, 2024
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निजी क्षेत्र को होगी लिथियम, परमाणु समेत 6 खनिजों के खनन की अनुमति, लोकसभा में बिल को मंजूरी

नई दिल्ली. संसद के मॉनसून सेशन में निजी क्षेत्र को लिथियम सहित छह परमाणु खनिजों और सोने तथा चांदी जैसे खनिजों के खनन की अनुमति देने वाले विधेयक को शुक्रवार को लोकसभा की मंजूरी मिल गई. मणिपुर मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों की लगातार नारेबाजी के बीच लोकसभा ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2023 को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. इस विधेयक में निजी क्षेत्र को 12 परमाणु खनिजों में से छह का खनन करने की अनुमति देने का प्रावधान है. मौजूदा अधिनियम के तहत, सभी 12 परमाणु खनिज राज्य के स्वामित्व वाली संस्थाओं द्वारा खनन और अन्वेषण के लिए आरक्षित हैं.

बिल के उद्देश्यों और कारणों को लेकर कहा गया है कि निजी क्षेत्र की खोज के लिए खोले जाने वाले परमाणु खनिज लिथियम (इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य ऊर्जा भंडारण उपकरणों में बैटरी के निर्माण में उपयोग किया जाता है), बेरिलियम, नाइओबियम, टाइटेनियम, टैंटलम और ज़िरकोनियम हैं. इन खनिजों के अंतरिक्ष उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स, संचार, ऊर्जा क्षेत्र, इलेक्ट्रिक बैटरी में विभिन्न अनुप्रयोग हैं और ये भारत की शुद्ध-शून्य उत्सर्जन प्रतिबद्धता में महत्वपूर्ण हैं. उक्त सूची से इन खनिजों को हटाने पर, इन खनिजों की खोज और खनन निजी क्षेत्र के लिए भी खोला जाएगा. नतीजतन, देश में इन खनिजों की खोज और खनन में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है.

विधेयक केंद्र सरकार को कुछ महत्वपूर्ण खनिजों के लिए विशेष रूप से खनन पट्टे और समग्र लाइसेंस की नीलामी करने का अधिकार भी देता है. खनिजों में सोना, चांदी, तांबा, जस्ता, सीसा, निकल, कोबाल्ट, प्लैटिनम समूह के खनिज और हीरे शामिल हैं, जो सर्फिंग या थोक खनिजों की तुलना में तलाशने और खनन करने के लिए मुश्किल और महंगे हैं. उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में कुल खनिज उत्पादन में गहरे बैठे खनिजों का हिस्सा बहुत कम है. देश ज्यादातर इन खनिजों के आयात पर निर्भर है. प्रस्तावित अन्वेषण लाइसेंस महत्वपूर्ण और गहरे खनिजों के लिए खनिज अन्वेषण के सभी क्षेत्रों में निजी क्षेत्र की भागीदारी को सुविधाजनक और प्रोत्साहित करेगा.

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विधेयक में संशोधन ‘पासा पलटने वाला’ साबित होगा. उन्होंने कहा, ‘अब तक हम केवल दो तरह के लाइसेंस दे रहे थे- कंपोजिट और माइनिंग लाइसेंस. अब हम पारदर्शी नीलामी मार्ग के माध्यम से अन्वेषण लाइसेंस लाए हैं. मंत्री ने आगे कहा कि भारत इस साल 1 बिलियन टन कोयले का उत्पादन करेगा जो देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा.

उन्होंने कहा, ‘पहले, हम केवल कोयला आयात के बारे में बात कर रहे थे, अब हम सोच रहे हैं कि 2025-26 तक हम थर्मल कोयले का आयात बंद कर देंगे.’ मंत्री ने सदन को यह भी कहा कि समुद्र तट रेत खनिजों का खनन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए आरक्षित किया जाएगा. समुद्र तट रेत खनिजों में इल्मेनाइट, रूटाइल, ल्यूकोक्सीन, गार्नेट, मोनाजाइट, जिरकोन और सिलिमेनाइट शामिल हैं.

Tags: Coal mining, Lok sabha, New Delhi news

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