Friday, July 19, 2024
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चंद्रयान लैंडिंग के ऐतिहासिक पलों के साक्षी होंगे पीएम मोदी, दक्षिण अफ्रीका से वर्चुअली होंगे शामिल

नई दिल्‍ली. चंद्रयान (Chandrayaan) लैंडिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) भी शामिल होंगे. वे ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका की आधिकारिक यात्रा पर हैं, लेकिन वे वर्चुअली शामिल होंगे. आधिकारिक सूत्रों ने कहा, “प्रधानमंत्री चंद्रयान लैंडिंग के दौरान इसरो से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे.” भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का तीसरा चंद्र मिशन, चंद्रयान-3, बुधवार शाम लगभग 6:04 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला है. यदि लैंडर, लैंडिंग में सफल रहता है, तो यह पहली बार होगा कि किसी अंतरिक्ष यान ने इस क्षेत्र में सॉफ्ट लैंडिंग की हो.

इसरो वैज्ञानिकों ने मंगलवार शाम को कहा कि चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास करने के लिए निर्धारित समय पर है. अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि सभी प्रणालियों की नियमित जांच हो रही है और सुचारू संचालन जारी है. दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग एक चुनौतीपूर्ण कार्य है क्योंकि यह बेहद ऊबड़-खाबड़ और पहाड़ी इलाका है. बताया गया कि लैंडिंग ऑपरेशन का सीधा प्रसारण शाम 5:20 बजे शुरू होगा. इस बीच, अहमदाबाद में इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के निदेशक नीलेश एम. देसाई ने कहा कि बुधवार को चंद्रयान-3 को उतारना उचित होगा या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय लैंडर मॉड्यूल की स्थिति और चंद्रमा पर स्थितियों के आधार पर लिया जाएगा.

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आखिरी चरण में मौजूदा स्थितियों को देखकर लेंगे फैसला
इसरो के पूर्व वैज्ञानिक मनीष पुरोहित कहते हैं कि ‘चंद्रयान की चार फेज में लैंडिंग होगी. इस दौरान स्पीड और वेलोसिटी का ध्यान रखा जाता है. आखिर के इन 17 मिनट में 11.30 मिनट के रफ ब्रेकिंग फेज़ होता है, फिर एल्टीट्यूड कंट्रोल फेज आता है, जिसमें 10 सेकेंट के करीब तस्वीरे खींचते है और क्रॉस कन्फर्म करते हैं. इसके बाद फाइन ब्रेकिंग फेज़ आता है, जिसे होवरिंग फेज कहते हैं. इस दौरान चंद्रयान में मौजूद सेंसर्स कैमरा रीडिंग लेंगे. इसके बाद आखिरी चरण में मौजूदा स्थितियों को देखकर लैंडिंग करें या न करें (Go or No Go) को देखा जाएगा.

लैंडिंग की परिस्थितियां अगर अनुकूल नहीं रहीं तो
उन्होंने आगे कहा कि अगर परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहीं तो लैंडिंग को 27 अगस्त तक आगे बढ़ाया जा सकता है. चंद्रयान-3, जिसका उद्देश्य चंद्रमा की भूविज्ञान, उसके जल संसाधनों और भविष्य में मानव अन्वेषण के लिए इसकी क्षमता का अध्ययन करना है, को 14 जुलाई को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था और इसने 5 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था.

Tags: Chandrayaan-3, ISRO, Mission Moon, Pm narendra modi

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