Thursday, May 23, 2024
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NDA Meeting: महात्मा गांधी, आंबेडकर और लोहिया की राह पर चल रहा एनडीए- पीएम मोदी की कहीं 10 खास बातें

नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार शाम राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक को संबोधित करते हुए कि एनडीए महात्मा गांधी, बाबासाहेब आंबेडकर, राम मनोहर लोहिया द्वारा दिखाए गए सामाजिक न्याय के रास्ते पर चल रहा है. इस दौरान पीएम मोदी ने विपक्षी गठबंधन पर प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने इन दलों का इस्तेमाल अपने हित में किया, जबकि एनडीए का गठन किसी पार्टी के विरोध में नहीं बल्कि देश में स्थिरता लाने के लिए हुआ था.

पीएम मोदी ने 2024 में भी भारी बहुमत के साथ एनडीए की सरकार बनाने का दावा करते हुए कहा कि आज सभी का विश्वास इस पर है. उन्‍होंने कहा, ‘जनता NDA की हिस्ट्री और केमेस्ट्री दोनों देख रही है. हमारा गणित भी उतना ही मजबूत है. 2024 में NDA का वोट प्रतिशत 50 प्रतिशत से ऊपर है. हर समाज, हर वर्ग को इससे जोड़ेंगे.’

जब NDA बना तो उसका लक्ष्य सत्ता हासिल करना नहीं था. NDA किसी के विरोध में नहीं बना था. NDA किसी को सत्ता से हटाने के लिए नहीं बना था. इसका गठन देश में स्थिरता लाने के लिए हुआ था. जब देश में स्थिर सरकार होती है तो देश कालजयी फैसले करता है.

जो गठबंधन निगेटिविटी के साथ बने, सत्‍ता के लिए बने वे सफल नहीं हुए. कांग्रेस ने 90 के दशक में गठबंधन बनाया, लेकिन उसका इस्‍तेमाल देश में अस्थिरता लाने के लिए किया.

हम जब विपक्ष में थे तब भी हमने सकारात्मक राजनीति की, हमने कभी जनादेश का अपमान नहीं किया. हमने विपक्ष में रहकर सरकारों का विरोध किया, उनके घोटालों को सामने लाए, हमने कभी विदेशी ताकतों से मदद नहीं मांगी.

हमने कभी दलों वाली राजनीति नहीं की. देश को दलों के हित से ऊपर रखा है. एनडीए सरकार ने प्रणब दा को भारत रत्न दिया जो कांग्रेस के नेता रहे. हमने मुलायम सिंह यादव, शरद पवार जैसे अनेक नेताओं को जो राजनीतिक दृष्टि से हमारे खिलाफ रहे, हमने पद्म सम्मान दिया है.

NDA में N का मतलब न्यू इंडिया, D का मतलब डेवलप्ड नेशन, A का अर्थ है एस्पिरेशन. आज युवा, महिलाएं, मध्यम वर्ग, दलित और वंचितों को NDA पर भरोसा है. बंगाल में लेफ्ट और तृणमूल कांग्रेस लड़ रहे हैं, लेकिन बेंगलुरु में साथ खड़े हैं.

जनता जानती है ये मिशन नहीं मजबूरियां है. जीवन भर जिसका विरोध किया अब उसका सत्कार करने लगे. इन्हें अपने कार्यकर्ताओं की भी चिंता नहीं; कार्यकर्ता भ्रमित हो रहे हैं. ये पार्टियां मजबूरी में पास तो आ सकती हैं, लेकिन ये साथ नहीं हो सकती. तस्वीरों में विपक्षी नेताओं की गलबहियां देख रहे हैं, दरअसल वो गलबहियां मिशन नहीं बल्कि मजबूरियां हैं.

केंद्र की योजनाओं को विपक्ष की कई सरकारें अपने राज्यों में लागू नहीं होने देतीं. अगर ये योजनाएं लागू हो भी जाएं तो उन्हें रफ्तार नहीं पकड़ने देते. मैंने कई बार ऐसे राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों को पत्र भेजा है. वे सोचते हैं कि अगर केंद्र की योजना का लाभ गरीब जनता को मिलेगा तो उनकी राजनीति कैसे होगी?

पहले सत्ता के गलियारों में जो बिचौलिए घूमते थे; हमने उन सबाके बाहर कर दिया है. केंद्र की योजना जनधन, आधार, मोबाइल से फर्जी लोगों को गरीबों का हक छीनने से रोका है. हमने ऐसे करीब 10 करोड़ लोगों को बाहर कर दिया जो फर्जी लाभ ले रहे थे. बीते 9 सालों में 30 लाख करोड़ रुपए हमने सीधे बैंक खाते में पहुंचाया और गरीबों को 3 लाख करोड़ रुपए फर्जी लोगों के हाथों में जाने से बचाया.

अब भारत की जनता मन बन चुकी है कि तीसरी बार फिर एनडीए को ही अवसर देना है. देश का मन आप जानते हैं. विदेश का मन भी बहुत कुछ संकेत दे रहा है. भारत में जनमत किसके साथ है; ये दुनिया को भी पता है.

हमें जनता के पास विकास का मुद्दा लेकर जाना है. भारत की जनता एनडीए की हिस्‍ट्री और केमेस्‍ट्री को देख रही है. इस बार एनडीए का वोट प्रतिशत 50 से अधिक होने वाला है. मैं आप सबको और आपके माध्‍यम से जनता को यह भरोसा देना चाहता हूं कि मैं अपने परिश्रम और प्रयासों में कोई कमी नहीं होने दूंगा. मुझसे गलती हो सकती लेकिन मैं बदनीयत से कोई नहीं करूंगा. मेरे शरीर का कण-कण और जीवन का हर क्षण देश को समर्पित कर दिया है.

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FIRST PUBLISHED : July 18, 2023, 23:31 IST

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