Thursday, February 29, 2024
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इंसान हो या मवेशी… यदि जंगली जानवर कर दे घायल तो करें यह काम, मिलेगा पूरा मुआवजा

आशीष कुमार/बेतिया. बिहार का पश्चिम चंपारण जिला घने जंगलों और तरह-तरह के वन्य जीवों के लिए जाना जाता है. यहां के लिए यह जंगल जितना लाभदायक है, जंगल क्षेत्र के आस-पास रहने वाले लोगों के लिए यह उतना ही चुनौतियों से भरा है. यहां आए दिन कुछ न कुछ ऐसा होते रहता है, जिसकी कल्पना भी कोई नहीं कर सकता है. खास कर बरसात के दिनों में अधिकांशतः जानवर और रेप्टाइल, जंगल और नदियों से बाहर निकल कर रिहायशी इलाकों तक का रुख कर रहे हैं.

हालांकि, इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता है कि वन क्षेत्र के अधिकांशतः हिस्सों में इंसानो ने अपना कब्जा जमा लिया है और वहां अपने आशियाने बना रखे हैं. ऐसे में इंसान और जंगली जानवरों का आमना-सामना होना लाजमी है. लेकिन क्या आपको पता है कि यदि आप जंगली जानवरों के द्वारा जख्मी किए जाते हैं, तो वन विभाग की तरफ से आपको मुआवजा दिया जाता है.

पीड़ित व्यक्ति को मुआवजे का प्रावधान

पश्चिम चंपारण जिला स्थित वाल्मिकी टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के सीएफ सह निर्देशक डॉ. नेसामणि के. बताते हैं कि यदि किसी व्यक्ति पर जंगली जानवर हमला करता है और उसमें उक्त व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो वन विभाग की तरफ से उसके परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है. इतना ही नहीं, मैन-एनिमल कॉन्फ्लिक्ट में यदि किसी इंसान को जंगली जानवर बुरी तरह से जख्मी कर देता है या फिर गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी व्यक्ति की जान बच जाती है, तो वन विभाग की तरफ से 72 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाता है.

बकौल पदाधिकारी जंगली जानवरों के द्वारा यदि मवेशियों को अपना शिकार बनाया जाता है, तो इस सूरत में भी मुआवजे का प्रावधान है. बता दें कि, मुआवजे का लाभ लेने हेतु आपको वन विभाग के कार्यालय से संपर्क करना होगा. कुछ जरूरी जांच परख के बाद प्रावधान के अनुसार आपको जल्द से जल्द इसका लाभ दे दिया जाएगा.

घायल युवक को मिला 72 हजार का मुआवजा

योगापट्टी क्षेत्र अंतर्गत एक गांव के रहने वाले दो भाइयों को वन विभाग के द्वारा 72 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया था. दो वर्ष पहले दोनों भाई गंडक नदी से निकले मगरमच्छ के द्वारा बुरी तरह से घायल कर दिए गए थे. इसके बाद उनका इलाज बेतिया के जीएमसीएच अस्पताल में हुआ. गंभीर रूप से जख्मी होने के बावजूद भी दोनों भाई जिंदगी की जंग जीत गए.

खास बात है कि दोनों भाइयों ने बिना डरे मगरमच्छ का मुकाबला किया था. ऐसे में 26 जनवरी को भारत सरकार ने उन्हें वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया था. वहीं, वन विभाग ने उन्हें 72 हजार रुपये का मुआवजा दिया था.

Tags: Bihar News in hindi, Champaran news, Compensation, Local18

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