Friday, July 19, 2024
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दुनिया पर नई महामारी का खतरा! वर्ल्ड बैंक के चीफ अजय बंगा की चेतावनी, बोले- तैयार रहें

नई दिल्‍ली. कोविड-19 महामारी के दौरान विद्यालयों के बंद रहने के कारण पढ़ाई-लिखाई का बहुत अधिक नुकसान हुआ है. यह बात विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने बुधवार को कही और अगली महामारी के आने से पहले ही एक प्रणाली तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया ताकि ऐसी स्थिति को उत्पन्न होने से रोका जा सके. ‘पीटीआई-भाषा’ द्वारा किए गए एक सवाल के जवाब में बंगा ने कहा, ‘‘महामारी के दौरान विद्यालय जाने वाली पीढ़ी को लेकर हमारे पास वास्तविक चुनौतियां हैं. उन्होंने कहा, ‘‘जब हम कोविड-19 महामारी की चपेट में आए तो विकसित और विकासशील देश इससे निपटना सीख रहे थे. इस अवधि में लंबे समय तक विद्यालय बंद रहने के कारण पढ़ाई-लिखाई का बहुत अधिक नुकसान हुआ और इस नुकसान से निपटना सिर्फ भारत की समस्या नहीं है, बल्कि यह दुनियाभर के लिए एक मुद्दा है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मत है कि हमें अब सबक लेना चाहिए. बहुत हद तक यह सुनिश्चित करना होगा कि हम अगली महामारी से पहले ही एक प्रणाली तैयार करना सीख लें…अन्यथा हम वही भूलें दोबारा करेंगे. यह तो तय है कि अगली महामारी आएगी जरूर. सवाल यह है कि इसके आने से पहले हम कितना सीखते हैं? मेरे लिए यह एक बड़ा सवाल है.’’ विश्व बैंक ने इससे पहले कहा था कि कोविड-19 महामारी के कारण भारत में विद्यालयों के लंबे समय तक बंद रहने से पढ़ाई में नुकसान के अलावा देश की भावी कमाई में 400 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान हो सकता है.

जी20 मीटिंग के चलते भारत में हैं विश्‍व बैंक प्रमुख
भारतीय-अमेरिकी बंगा (63) ने पिछले महीने विश्व बैंक के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था. बंगा दो वैश्विक वित्तीय संस्थानों (विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष) में से किसी एक का प्रमुख बनने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति हैं. वह यह पद संभालने के बाद पहली बार भारत यात्रा पर हैं. वह जी-20 वित्त मंत्रियों और सदस्य देशों के केंद्रीय बैंक के गवर्नर की अहमदाबाद में होने वाली बैठक में शामिल होंगे. उन्होंने बुधवार की सुबह जीएमआर वरलक्ष्मी सशक्तीकरण एवं आजीविका केंद्र, द्वारका स्थित एक कौशल केंद्र का दौरा किया और विद्यार्थियों से बातचीत की.

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महामारी के चलते दो साल स्‍कूल रहे बंद
विश्व बैंक के अनुमान के अनुसार, महामारी के कारण विद्यालय बंद होने से 188 देशों में 1.6 अरब से अधिक बच्चों की शिक्षा बाधित हुई. वैश्विक स्तर पर फरवरी, 2020 से फरवरी, 2022 तक शिक्षा प्रणाली लगभग पूरी तरह बंद रही. इससे दुनिया के सबसे गरीब बच्चे असमान रूप से प्रभावित हुए. विश्व बैंक की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमीर, गरीब या मध्यम आय वाले सभी देशों के आनुभविक साक्ष्य दर्शाते हैं कि दूरस्थ शिक्षण की प्रभावकारिता सीमित है और कुछ मामलों में तो इसके बदतर नतीजे देखने को मिले.

बुनियादी साक्षरता का नुकसान
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि सीखने की प्रकृति संचयी है, मसलन यदि दो साल तक पढ़ाई का नुकसान होने पर अगर जल्द इसे दूर नहीं किया गया, तो इस नुकसान के समय के साथ और बढ़ने की संभावना रहती है. खासकर तब जब यह नुकसान बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक हुनर जैसे मूलभूत कौशल में हो. रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘एक विद्यार्थी जो वर्ष 2020 में कक्षा दो में था और उसे दो साल तक विद्यालय के बंद रहने का सामना करना पड़ा, उसी विद्यार्थी से वर्ष 2022 में कक्षा चार के पाठ्यक्रम पर खरा उतरने की अपेक्षा की जाएगी. यहां एक बड़ा जोखिम यह है कि विद्यार्थी बहुत कम समझेंगे और पढ़ाई से कटकर समय के साथ और अधिक पिछड़ते जाएंगे जब तक कि विद्यालय जाना बंद नहीं कर देते.’’

Tags: COVID 19, India G20 Presidency, World bank

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